शिक्षक दिवस पर निबंध | Essay on teachers day in hindi

शिक्षक दिवस पर निबंध | Essay on teachers day in hindi

शिक्षक दिवस पर निबंध | Essay on teachers day in hindi : आज कल लोग कहते है अब ना वो शिक्षक रहे, ना ही विद्यार्थी ! लेकीन यह बात किस हद तक सच है या झूठ ये हम अपने आप से पूछ कर ही पता लगा सकते है! आइये बात करते है शिक्षक दिवस की !

शिक्षक दिवस आते ही सभी जोरों शोरों से शिक्षक दिवस मनाते है ! शिक्षण की तुलना आप किसी से नहीं कर सकते, क्योंकि यह एक ऐसा कार्य है, जो की अपने लिए नहीं अपितु दुसरों के लिए किया जाता है !

शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को मनाया जाता है, इस दिन शिक्षकों को सम्मान दिया जाता है साथ ही पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस की याद में भी शिक्षक दिवस मनाया जाता है ! हमारे देश में पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अध्यापन में अपना उल्लेनीय योगदान दिया है , जो की वाकई सराहनीय है !डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था और 1909 में चेन्नई के प्रेसिडेंसी कॉलेज में अध्यापन पेशे में प्रवेश करने के द्वारा दर्शनशास्त्र शिक्षक के रुप में अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने अपने जीवन के 40 वर्ष अध्यापन पेशे को दिए है ! वो एक महान शिक्षक थे ! और अपने विद्यार्थियों के जीवन को सवांरने के लिए प्रसिद्ध थे ! वह पहले शिक्षक थे जिन्होंने शिक्षकों के बारे में इतना सोचा और उन्ही की याद में हर साल 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है !

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन बनारस, चेन्नई, कोलकाता, मैसूर जैसे कई प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों तथा विदेशों में लंदन के ऑक्सफोर्ड जैसे विश्वविद्यालयों में दर्शनशास्त्र का अध्यन कराया है ! अपनी बहुमूल्य सेवा की पहचान के लिये 1949 में विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति कमीशन के अध्यक्ष के रुप में नियुक्त किया गया था । 1962 से शिक्षक दिवस के रुप में 5 सितंबर को मनाने की शुरुआत हुई। अपने महान कार्यों से देश की लंबे समय तक सेवा करने के बाद 17 अप्रैल 1975 को इनका निधन हो गया।

आज हम उनकी कमी को बहुत अधिक महूसस करते है और उनसे प्रेरणा लेते है की उनकी तरह ही हम अच्छे शिक्षक बन सके और देश की आने वाली पीढ़ी को शिक्षित कर सके ! हमे अपने जीवन में आने वाले शिक्षको को कुछ दे तो नहीं सकते लेकीन सम्मान और धन्यवाद देकर उनका मान तो बड़ा ही सकते है ! हमे दिल से हमारे शिक्षको का सम्मान करना चाहिए और उनका मान भी रखना चाहिए ! क्युकी गुरु बिना ये सम्पूर्ण संसार अधूरा है !

तो दोस्तों हम उम्मीद करते हैं की आपको आज का यह आर्टिकल शिक्षक दिवस पर निबंध । Essay on teachers day in hindi काफी पसंद आया होगा और इसे आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करना चाहेंगे ।

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